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Sunday, September 29, 2024

12 वर्षों से विभागीय उदासीनता का दंश भोग रहा बकला से हरदी मुख्य वनमार्ग


 12 वर्षों से विभागीय उदासीनता का दंश भोग रहा बकला से हरदी मुख्य वनमार्ग

पर्यटन स्थल व राम वन गमन पथ सहित 25 गांवों को कसडोल मुख्यालय से जोड़ती है यह सड़क

 जीवन लाल रात्रे-कसडोल(न्यूज टुडे)वन मंडल बलौदा बाजार के अंतर्गत सोनाखान परिक्षेत्र में बोरसी से लेकर बकला हरदी नाला तक कच्ची मुख्य मार्ग अत्यंत खराब हो गया है।जिससे आवाजाही करने वाले राहगीरों को चलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्राम खुडमुढ़ी निवासी चंद्रकुमार पैकरा ने बताया की इस सड़क की हालत बद से बदतर स्थिति में है जिसमें बड़े बडे़ गढढो में घुटनों तक पानी भरे होने के कारण रोजाना कई मोटर साईकिल वाले गिर कर चोटिल हो जा रहे हैं।खुड़मुड़ी, डाढ़ाखार,कटवाझर,बकला से अंधिकांश छात्र-छात्राएं सायकल से ही शिक्षा लेने बोरसी/कसडोल स्कूल-कॉलेज आईटीआई पढ़ने के लिए आते हैं।सड़क में जगह जगह गढढे हैं एवं सड़कों से मुरूम पुरी तरह से निकल जाने के कारण रोड में  केवल नुकिले पत्थर रह गए हैं।जिससे हर रोज कई गाड़ीयां पंचर हो रहे हैं। रोड़ खराब होने के कारण कभी भी स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ या राहगीर के सााथ सड़क हादसा में जघन्य घटना की स्थिति बनी होती है।वन विभाग ने इस सड़क में 12 साल पहले डब्लूबीएम पत्थर का रोड़ तो बनवाया था लेकिन आज पर्यंत तक गड्ढों और पत्थर को भरने के लिए सड़क में मुरमीकरण का काम नहीं करवाया है।विभाग उदासीन हो गया है,पूरी तरह से अनदेखी कर रही है जिससे शासन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।यह सड़क मशहुर पर्यटन स्थल बारनवापारा अभ्यरण के 20-25 गांवों को ब्लाक मुख्यालय कसडोल से जोड़ने वाली मुख्य मार्ग है।इस मार्ग के  समीप ही पर्यटकों का आकर्षण केन्द्र कूटन नाला भी है जहॉ रोजाना प्रकृति की मनोरम दृश्य देखने दूर-दूर से आवा जाही बना रहता है साथ ही इस रास्ते से ही प्रभु श्री राम जी का वनगमन पथ लवकुश का जन्म स्थलीय तुरतुरीया जाने के लिए शासन द्वारा निर्धारित किये गये है।इसमें हर रोज सैकड़ों सायकल,मोटर सायकल, चारपहीया वाहन व पैदल यात्रियों का आवागन होता है।फीलहाल अंचल के राहगीरों सहित छात्र-छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए खुड़मुड़ी से बोरसी तक समस्त गढढो एवं रोड में उभरे हुए पत्थर को मुरमीकरण कर सुगम बनाना आवश्यक है।इस संबंध में जानकारी हेतु सोनाखान रेंजर सुनीत साहू से संपर्क किया तो उनका मोबाईल बंद आया।

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