अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाया गया जश्न-ए-मिलाद, विभिन्न समाजों ने किया जुलूस का स्वागत
दोपहर करीब तीन बजे स्थानीय जमा मस्जिद से जुलूस निकाला गया। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मस्जिद पहुंचा, जहां वह सभा में परिवर्तित हो गया। जुलूस में शामिल लोगों के हाथों में इस्लामी हरे झंडे थे और “नार-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर” तथा “नार-ए-रिसालत, या रसूलल्लाह” के नारों से नगर का वातावरण गूंज उठा। जुलूस के दौरान तिलावत और नात-ए-पाक भी प्रस्तुत की गई।
सामाजिक सद्भाव की दिखी मिसाल
जुलूस के नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे। इस दौरान विभिन्न समाजों द्वारा जुलूस का स्वागत कर सामाजिक सद्भाव एवं भाईचारे की मिसाल पेश की गई। अग्रवाल समाज, सिख समाज एवं ब्राह्मण समाज सहित अन्य लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था कर स्वागत किया।
पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
कार्यक्रम के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती रही तथा जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में हाजी अनवर खान, रमजान खान,ज़ाकिर कुरैशी मस्तान खान, सैयद हुसैन, हैदर खान, मुनीर खान, अबरार अली, अरमान खान, फिरोज खान, सहमान खान, इमरान कुरैशी, अमजद खान, हमिश रिजवी,अफ़ज़ल अंसारी,शम्स कुरैशी एवं मुनव्वर खान सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा चांदापर, कोकोभांटा, लखागढ़ एवं पिथौरा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी मुस्लिम समाज के लोग जुलूस में शामिल हुए।ईद-ए-मिलादुन्नबी का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी प्रेम, भाईचारे, शांति और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता हुआ संपन्न हुआ।
Zakir qureshi pithora


