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Monday, June 15, 2026

दंतैल हाथी का आतंक , ग्रामीणों ने सुरक्षा और विस्थापन की मांग उठाई

         पिथौरा/ बारनवापारा(newstoday)। बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्राम गुड़ागढ़ में पिछले एक सप्ताह से एक दंतैल हाथी के लगातार आबादी क्षेत्र में विचरण करने से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। हाथी ने जहां किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, वहीं 14 जून की रात गांव में घुसकर एक ग्रामीण के घर की दीवार भी तोड़ दी। घटना के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अभ्यारण्य प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय करने तथा हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है।


"गुड़ागढ़ में दंतैल हाथी का आतंक, घर की दीवार तोड़ी; ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा और विस्थापन की मांग"

   जानकारी के अनुसार 14 जून की रात दंतैल हाथी ग्राम गुड़ागढ़ की बस्ती में पहुंच गया और सियाराम साहू के मकान की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी के गांव में घुसने की सूचना मिलते ही ग्रामीण एकत्र हुए और काफी मशक्कत के बाद उसे गांव से बाहर खदेड़ा गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी बार-बार गांव की ओर लौटने का प्रयास कर रहा था, जिससे पूरी रात लोगों को जागकर निगरानी करनी पड़ी।

   ग्रामीणों ने बताया कि इसके पूर्व भी हाथी ने क्षेत्र के किसान महारथी बरिहा की फसल को नुकसान पहुंचाया था। लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।


एक सप्ताह से आबादी क्षेत्र में कर रहा विचरण, फसलों को भी पहुंचा चुका है नुकसान; वन विभाग को सौंपा ज्ञापन

   घटना के दूसरे दिन ग्रामीणों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने बारनवापारा अभ्यारण्य के अधीक्षक कृषाणु चन्द्राकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दंतैल हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर हटाने, ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ग्राम गुड़ागढ़ के शीघ्र विस्थापन की मांग की गई है। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय वन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी व्यक्त की।


   ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में इसी अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्राम दोंद निवासी जहरूराम नेताम की हाथी के हमले में मौत हुई थी। ऐसे में हाथी की लगातार मौजूदगी किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को बढ़ा रही है।

   अधीक्षक कृषाणु चन्द्राकर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए बताया कि सुरक्षा के लिए समिति के माध्यम से सोलर फेंसिंग की व्यवस्था, सड़क किनारे साफ-सफाई तथा गश्ती दल की निगरानी बढ़ाने जैसे उपाय किए जाएंगे। वहीं ग्राम विस्थापन की प्रक्रिया भी नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी।

    ग्रामीणों का कहना है कि केवल चेतावनी संदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हाथी की गतिविधियों को नियंत्रित करने और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।

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