हाथियों की मौजूदगी को लेकर वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
पिथौरा(newstoday)। बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में हाथियों एवं अन्य वन्य प्राणियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है तथा जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार पिछले लगभग एक वर्ष से बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में करीब 32 हाथियों का विचरण बना हुआ है। हाथियों की निगरानी के लिए "हाथी मित्र दल" का गठन किया गया है तथा "गज संकेत ऐप" के उपयोग को बढ़ावा देकर ग्रामीणों तक समय पर सूचना पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही अभयारण्य से लगे सभी गांवों में नियमित रूप से मुनादी कर लोगों को सावधान किया जा रहा है।
ग्रामीणों के लिए जारी की गई सलाह
वन विभाग एवं हाथी मित्र दल ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात या तड़के सुबह अकेले खेतों एवं जंगल की ओर न जाएं। हाथी दिखाई देने पर उसे उकसाने, उसके करीब जाकर फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन अमले या हाथी मित्र दल को सूचना दें।
सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपाय
वन विभाग द्वारा सोलर फेंसिंग, गश्ती दल की तैनाती तथा ग्रामीण बस्तियों की सुरक्षा के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। ग्रामीणों को रात के समय मशाल, एलईडी अथवा तेज रोशनी का उपयोग करने तथा मिर्च और भूसे के मिश्रण से धुआं करने जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करें।
विस्थापन और पुनर्वास की दिशा में पहल
अभयारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इच्छुक गांवों के चयन और पुनर्वास की प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है। इसके लिए उपयुक्त स्थानों का चयन कर शासन को प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर बेहतर मूलभूत सुविधाओं के साथ पुनर्वासित किया जा सके। इससे जहां ग्रामीणों को सुरक्षित जीवन मिलेगा, वहीं वन्यजीवों को भी उनका प्राकृतिक आवास संरक्षित रूप में उपलब्ध हो सकेगा।
वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता और जागरूकता ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

